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आलसी लोगों की दस विशेषताएं

 

कई वर्ष पहले मैने सोचा था कि आलस पे कुछ लिखु, लेकिन फिर आलस के कारण लिख नहीं सका था। आज आलसी व्यक्तियों की कुछ विशेषताओं से आपको अवगत कराने जा रहा हूँ।

1. वे झूठ नहीं बोलते है

आलसी लोग प्राय: झूठ नहीं बोलते है। इन्हें पूर्ण रूप से यह ज्ञात होता है कि एक झूठ को छिपाने के लिए अनेक झूठों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आलस्य का अस्तित्व खतरे में आ सकता है। अत: इन लोगो को झूठ बोलने की अपेक्षा सच बोलना अधिक प्रिय होता है।


2. वे अधिक वफादार होते हैं

गैर आलसी लोगों की अपेक्षा आलसी लोग अधिक वफादार होते हैं। जो स्त्री अपने पति के आलस्य  स्वभाव से परिचित रहती है वो उनके चरित्र के प्रति निश्चिंत रहती है।


3. वे अकारण किसी कार्य को जटिल नहीं बनाते हैं

आलसी लोग आसान कार्य को आसान तरीके से ही करते है। वे बिना कारण आसान कार्य को जटिल नहीं बनाते है।


4. वे किसी को नुकसान नहीं पहुचाते हैं

आलसी लोग प्राय: समदर्शी होते है। वे सभी जीव-जंतुओं में स्वयं को और स्वयं को सभी जीव-जंतुओं में देखते है। अत: वे किसी भी जीव को नुकसान पहुँचाने कि चेष्टा नहीं करते हैं।


5. वे सबका सम्मान करते हैं

आलसी व्यक्ति सबका सम्मान करते है। वे कहीं भी उँच-नीच का भेद नहीं करते है।


6. वे कठिन समस्याओं का सरल समाधान ढ़ुंढ़ लेते हैं

आलसी व्यक्तियों की एक विशेषता ये भी है कि वे कठिन समस्याओं का भी सरल हल ढ़ुंढ़ लेते हैं।


7. वे अनावश्यक बहस में नहीं पड़ते हैं

गैरआलसी लोग अक्सर व्यर्थ की बहस में पड़ के अपना किमती समय और उर्जा नष्ट करते रहते हैं, किंतु आलसी लोग समय के महत्व को भलिभांति जानते है। वे व्यर्थ की बहस में बिल्कुल नहीं पड़ते है।


8. वे वर्तमान में जीते हैं

आलसी लोग ना तो बीते हुए का शोक करते है और ना ही भविष्य का ख्यालि-पुलाव पकाते है। वे सदैव वर्तमान में ही जीते हैं।


9. वे अधिक क्षमाशील होते हैं

आलसी लोगों में बदला लेने की भावना गैर आलसी लोगों की अपेक्षा कम होती हैं। वे सबको क्षमा कर देते है, भले हि किसी ने उनके साथ कितना भी बुरा क्यों ना किया हो।


10. वे अधिक धार्मिक होते हैं

आलसी लोग परमात्मा के कार्यों में बाधा नहीं उत्पन्न करते है। परमात्मा ने इस जगत को जैसा बनाया है वे उन्हें वैसा ही स्वीकार करते है।

तो अगली बार जब आप किसी आलसी व्यक्ति से मिले तो उनके गुणों का स्मरण अवश्य रखें।

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