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Showing posts with the label Dil se

सूचना और ज्ञान में अंतर

  हम प्राय: सूचना और ज्ञान को समान समझ लेते है। सूचना वो है जो हम शब्दों के रूप में किसी व्यक्ति अथवा किसी अन्य माध्यम से प्राप्त करते है, और ज्ञान वो है जो हम अपने अनुभव से प्राप्त करते है। सूचना का प्रभाव मस्तिष्क पे अल्प अवधि तक ही रहता है, जबकि ज्ञान का प्रभाव दिर्घकालीन होता है। रचनात्मक विधियों द्वारा सूचना को ज्ञान में परिवर्तित करके अग्रेषित किया जा सकता है। प्राचीन काल में अध्यापक ऐसा ही करते थे। वर्तमान समय के ज्यादातर शिक्षक महज सूचना अग्रेषित करने का माध्यम बन के रह गए है।  गुरू द्रोणाचार्य को अपने शिष्यों ये संदेश देना था कि अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करो। इसके लिए उन्होंने एक रचनात्मक विधी का प्रयोग किया था। उन्होंने वृक्ष के डाल पर एक पक्षी की प्रतिमा रख दिया और अपने शिष्यों से चिड़िया के आँख पे निशाना लगाने को कहा। तीर चलाने से पहले गुरू द्रोण ने सबसे प्रश्न किया कि उसे क्या दिख रहा है!  किसी ने कहा कि उसे वृक्ष और उसपे बैठी चिड़ियाँ दिख रही है, गुरू द्रोण ने कहा "रहने दो"।  किसी ने कहा कि उसे चिड़िया दिख रही है, गुरू द्रोण ने कहा "रहने दो"। ...

How to get over a break up

  Getting over a breakup is one of the hardest thing faced by human mostly by teenagers. Once we get addicted to someone it becomes very hard to rearrange our live without that person. Here I am going to write some tips which not only may help to get over a breakup but also help you in long term.   1. Accept it.   Accept it in easy way. You may feel that you are facing the cruelest sorrow of the world. But believe me, you are not the first one. Just accept it as a part of live. Accept it  that the person you love has got someone better than you.   2. Clean and rearrange your room.  Now you have some extra time which you were spending at video calling or texting someone. Use that time to enhance yourself and be the better version of yourself. First step towards can be cleaning and rearranging your room. You may feel that cleaning and rearranging your room has nothing to do with getting over a breakup. But try it, it has psychological effect. 3. Read books. ...

Radio Love

आज FM सुनते वक्त तुम्हारी याद आ गई। एक के बाद एक लगातार दिल को छू लेने वाले रोमांटिक गाने आ रहे थे। हर गाने के बाद रेडियो जॉकी लोगो को उकसा रहा था कि लोग उसे फ़ोन करके अपने दिल की बात शेयर करें। कई लड़के-लड़किया उसे फोन करके रेडियो के माध्यम से अपने चाहने वाले तक अपनी बात पहुंचा रहे थे। एक और रोमांटिक गाना खत्म हुआ और रेडियो जॉकी ने फिर से अपना नंबर दोहराया।    मैंने अपना मोबाइल उठाया और वो नंबर डायल किया। हरे रंग का डायल आइकॉन अचानक से बहुत खूबसूरत प्रतीत होने लगा। इस आइकॉन को छूने से पहले मैं इसे निहारने लगा।   मुझे बिल्कुल वैसा फील हो रहा जैसे कभी मेरे स्क्रीन पे तुम्हारे नाम के साथ इनकमिंग कॉल लिखा दिखने पे फील हुआ करता था। बैकग्राउंड में बजता संगीत ब्लर हुआ और तुम्हारी यादें जीवंत हो उठी।    अगले कुछ पलो तक मैं तुम्हारी यादों में खोया रहा। फिर उस डायल आइकॉन को छूते हुए मुझे ऐसा लगा जैसे मैं तुम्हारे गालों को छू रहा हु और तुम हौले से अपनी आंखे मूंद रही हो।...

A request to Ajay Devgan about stop selling pan masala

जुबां केसरी बोलते हुए अजय देवगन  अजय देवगन जी, "क्या आप अपने बच्चे को जुबां केसरी बोलने की इजाजत देंगे?" अगर नहीं तो तत्काल प्रभाव से गुटखा बेचना बंद कर दीजिये। जरा सोच के देखिये कि अगर आपका पुत्र आपके सामने आसमान की ओर मुंह करके जुबां केसरी बोल रहा हो और उसके मुंह के एक किनारे से लाल द्रव्य टपक रहा हो तो आपको कैसा लगेगा! आप अपने समय के सुप्रसिद्ध अभिनेता रहे हैं, जनता आपको फॉलो करती हैं। गुटखा बेचना आपको बिल्कुल भी सोभा नहीं देता हैं। गुटखा खाने वाले ना सिर्फ अपना नुकसान करते हैं बल्कि इधर उधर पीक मार के गंदगी भी फैलाते हैं। जब सफेद शर्ट पहन के किसी बस के बगल से गुजरता हूं तो डर लगा रहता है की कहीं कोई खिड़की से सिर निकाल के जुबां केसरी न बोल दे। आप विज्ञापन में कहते हुए नजर आते हैं कि " मैं अजय देवगन बोलता हु जुबां केसरी, आप भी बोलिये जुबां केसरी ." लेकिन जनता आपका अभिप्राय भली-भांति समझ जाती है की आप समझाना चाह रहे हैं " मैं अजय देवगन गुट...

you and me

तुम्हारा ब्लैंक मैसेज भेजना और मेरा उस खाली मैसेज को बार बार पढ़ना.. तुम्हारा फोन करके चुप रहना और मेरा तुम्हारी सांसो की आवाज से तुम्हें पहचान लेना.. तुम्हारा 5 रुपये के जूस को महंगा बताना.. पेट्रोल डलवाते वक्त तुम्हारा ये कैलकुलेट करना कि अगर बस से आते तो कितने पैसे बचते.. तुम्हारा वो डेढ़ समोसा खाके मुझे ढ़ाई समोसा खिलाना.. तुम्हारा मुझसे बात करने के लिए सभी के सो जाने का इंतजार करना.. तुम्हारा वो मिलते ही नजरे झुका लेना और विदा होते वक्त अपनी ईयर-रिंग्स देना.. मेरे लम्बे बालो के लिये तुम्हारा वो मुझे चिढाना.. मुझे सामने से आता देख तुम्हारा सड़क के एकदम से दूसरे किनारे हो जाना.. मूवी देखते वक्त मेरे कंधे पे तुम्हारा सिर रखना.. वो तुम्हारा मुझे छोड़ देने की धमकी देना.. और एक दिन उन धमकियों को सच कर देना...

When auto driver/rickshaw puller made me emotional

Incident 1: Patna to Muzaffarpur, August 2008. It was the first time when I went to Patna. I was feeling tired by the evening. At the time of returning, after stepped out from train I decided not to take any auto or rickshaw from there although my home is approximately 3 km away from that railway station. I wanted to save few bucks for mobile recharge. I started to walk. 2 kilometers passed, 1 km was still remain. I started to think that why I didn't take any auto or rickshaw. Just after few seconds a rickshaw puller came from behind, and asked me if I want a ride. I refused and continued my walk. Then he told me that he will not charge any fare because he also has to go that way. I stepped in. When we reached the destination, I asked him about the fair, but he refused to take any money from me. I request him again and again to accept few bucks, but he didn't agree. Finally I handed him few bucks in a friendly forcefully way. Incident 2: Muzaffarp...

आखिरी मुलाकात

कल उनसे आखिरी मुलाकात होंगी , फिर न ऐसे दिन होंगे न ऐसी रातें होंगी। महीने भर की यादें वर्षो तक साथ होगी , कल उनसे आखिरी मुलाकात होंगी। बस स्टॉप तो वही होगा , मगर अब वहां ना वो इंतजार होगी , कल उनसे आखिरी मुलाकात होगी। गाएंगे परिंदे फिर भी , मगर इनमे ना वो राग होगी , कल उनसे आखिरी मुलाकात होंगी। बादल तो बरसेंगे फिर भी , मगर बारिशो में ना वो खुश्बू होंगी , कल उनसे आखिरी मुलाकात होंगी। गर कभी आँखों से छलके जो आंसू , उन आंसुओ में बस एक ही तस्वीर होगी , कल उनसे आखिरी मुलाकात होंगी। रह गई जो बातें अधूरी , वो तमन्नाएं साथ होंगी , कल उनसे आखिरी मुलाकात होंगी। जब भी सजदा करूँगा खुदा का , बस उनके लिये ही इबादत होंगी। कल उनसे आखिरी मुलाकात होंगी।